Sex Hindi Kahani बलात्कार
07-15-2017, 12:52 PM,
#11
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
आराम से काला सत्तू नंगी कमला के कसे हुए बदन के ऊपर लेट गया और अपना खूब चूसा हुआ, लंड उसने आराम से कमला की चूत में दाखिल कर दिया. कालू से चुद्ने के बाद दर्द का सवाल ही नहीं था. कमला को हल्का सा ही दबाव महसूस हुआ और उसने कमला की चूत की चुदाई शुरू कर दी. नीच जात की कसी हुई लड़की थी और प्राकृतिक तरीके से समझ चुकी थी कि जब बलात्कार होना ही है, तो मार खाने की जगह, मौज लेने में भलाई है…..चूतड़ उठा उठा के सत्तू काका का लंड अंदर लेने लगी और सत्तू पागलों की तरह कमला को चोद्ने लगा. कालू और मोतिया से चूत फटने के बावजूद गाज़ाब का कसाव था और जितनी बार सत्तू अंदर आता, उसे लगता मानो कोई चीज़ उसके सुपादे को पकड़ रही हो. और जितनी बार वो बाहर को निकलता, ऐसा लगता मानो कोई चीज़ सुपादे को बाहर निकालने ना दे रही हो. सत्तू के मन में खुशी की उमंगे दौड़ रही थी…….साँवली जांघें काली जांघों के नीचे दबी हुई थी10-12 मिनिट तक सत्तू ने चुदाई की और फिर कमला का सिर अपने हाथ से उठा कर अपने निपल लड़की के मुँह में दे दिए. इशारा समझ के कमला उसके निपल चूसने लगी…….ऐसा करते ही सत्तू का शरीर सनसनाहट से भर गया और वो,”ओह….आआआः……अयाया….हमरी बेटी……हुमरी प्यारी बेटी कमला रानी…..ओह हमरी रंडी बेटी….आअहह…ओह्ह्ह….”…….पक-पक-पक-फुच्च-फुकच्छ-फुकच्छ- पक-पक-पक-फुच्च-फुकच्छ-फुकच्छ- पक-पक-पक-फुच्च-फुकच्छ-फुकच्छ- पक-पक-पक-फुच्च-फुकच्छ-फुकच्छ…..आआआआआआआआआआआआआआआआआअहह……….और कलूटे सत्तू ने साँवली-सलोनी कमला की चूत के अंदर अपना वीर्य छोड़ दिया.

चार काले, एक सांवला और एक गोरा शरीर, तक कर निढाल हो चुके थे……..झींगुरों की आवाज़ें माहौल को संगीत-मेय बना रही थी……..

एक खूबसूरत, राजसी युवती और एक कसी हुई कुँवारी लड़की की लूटी हुई इज़्ज़तों का साक्षी चाँद, बेहद उदास लग रहा था और मानो शर्म के मारे, बादल के एक टुकड़े के पीछे च्छूपने की नाकाम कोशिश कर रहा हो…………दूर किसी सियार की हूऊऊऊओ---हूऊऊ की आवाज़, रूपाली को ऐसा एहसास दे रही थी मानो वो मौत के करीब हो….और गिद्ध-सियार उसकी ओर बढ़ते चले आ रहे हों……..धीरे-धीरे उसने आँखें बंद कर ली
क्रमशः...........
-  - 
Reply
07-15-2017, 12:52 PM,
#12
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
गतान्क से आगे..................
पूरे वक़्त रूपाली बेखुदी में कुछ ना कुछ बुदबुदाती रही. उसे कुछ याद नहीं था कि कैसे मोतिया और सत्तू कमसिन कमला को लेकर, खेतों के बीच से होते हुए अपने कच्चे घरों की ओर बढ़ गये थे और कैसे कालू और मुंगेरी उसे हवेली की ओर पहुँचाने के लिए ले गये. जब होश संभाला तो अपनी वीरान हवेली बहुत पास नज़र आई.

सुबह के कोई सवा पाँच बाज रहे होंगे…….सूरज की हल्की लालिमा अंधेरे को चीरने को तैय्यार हो रही थी, मगर रूपाली को अब भी अंधेरेपन के सिवा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.

हवेली के आँगन में गूंगा चंदर गुम-सूम सा आँगन की मुंडेर पे बैठा था. बगल में उसने अपना लाल-सफेद गमछा रखा हुआ था. उसने एक नज़र रूपाली को देखा, फिर कालू और मुंगेरी को और वापस रूपाली को. उसे समझ नहीं आ रहा था पूरी रात रूपाली किधर थी?

कालू ने कहा,”सुबह सुबह हम लोग खेत को जाई रहे…..उन्हा पे बेहोस पड़ी मिली हमका ठकुराइन….”. रूपाली ने एक बार कालू की ओर देखा……..कहना मुश्किल था, आँखों में नफ़रत थी, उदासीनता या सिर्फ़ एक कभी ना भरने वाला शून्य.

खामोशी से रूपाली हवेली में दाखिल हो गयी और अपने शयन-कख़्श में घुसकर अपने बिस्तर पे गिर पड़ी. ख़यालो में कभी अपने मरे हुए पति को मुस्कुराता हुआ देखती तो कभी अपने ससुर और देवर को, जो सब पहले ही रूपाली को इस बड़ी सी ज़ालिम दुनिया में अकेला छोड़ के कब्के जा चुके थे. फुट-फुट के रोने लगी बेचारी!

चंदर उसके पीछे पीछे अंदर आया था और चंदर को कुछ समझ नहीं आया था. वो किसी बेवकूफ़ बच्चे की तरह, रूपाली को रोता हुआ देख रहा था और अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहा था. रूपाली का रुदन ऐसा था मानो कोई जानवर गहरी पीड़ा में कराह रहा हो.

बाहर से कालू और मुंगेरी खिसक चुके थे.

चंदर ने धीरे से रोती हुई रूपाली के कंधे पे हाथ रखा. रूपाली धीरे से मूडी, उसने एक नज़र चंदर की ओर देखा और फिर ज़ोर से उसे सीने से लगाते हुए ज़ोर ज़ोर से रोने लगी,”चंदर….चंदर……आआआआहह…….”. जैसे जैसे चंदर ने रूपाली के चेहरे के निशान, गले पे खरोंच, ब्लाउस के दो टूटे हुए बटन आदि पे गौर किया, उसकी आँखों की आगे सारा माजरा सॉफ होता चला गया. एक ही पल में नौकर-मालकिन का रिश्ता मानो ख़तम हो गया हो. ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो, चंदर घर का मर्द था और रूपाली उसकी, इस घर की इज़्ज़त, जिसको कुछ चमारों ने तार-तार करके रख छोड़ा था…..


“उूुुुुुुउउ……आआआआआआआआआआाअगगगगगगगगगगगगघह….हाआआआआआआआआआ……
..आआआआआआआाागगगगगगगगगगगघह,”, गूंगे के मुँह से कराह निकली और उसने इधर उधर देख के पास पड़ी बड़ी सी गुप्ती निकाल ली. जैसे ही रूपाली ने चंदर का वीभत्स चेहरा और हाथ में खुली हुई गुप्ती देखी……वो ज़ोर से चीखी,”चंदर नहीं…..तुझे मेरी कसम, कोई भी ऐसा काम मत करना….तुझे मेरी कसम.” चंदर जो गुप्ती को कालू के जिगर के पार कर देना चाहता था, रूपाली की बात सुन कर ठिठक के रुक गया…एक नज़र रूपाली को देखा और फिर उसने ख़तरनाक गुप्ती को पटक कर फेंक दिया……….ज़ोर से रूपाली को सीने से लगाया और दोनो फूट फूट कर रोने लगे.

दोपहर, कोई 3 बजे का समय. चौपाल सजी हुई थी. गाओं के बीचों बीच बड़ा सा बरगद का पेड़ था और उसकी घनी छाया में चार चारपाइयाँ लगी हुई थी. एक पर गाओं के सरपंच, पंडित मिश्रा जी बैठे हुए थे. दूसरी चारपाई पे ठाकुर रणबीर सिंग, तीसरी पे ठाकुर सरी राम विराजमान थे. चौथी चारपाई को कुछ दूरी पे रखा गया था और उसपे नीच जाती के दो बुज़ुर्ग, किसान कुम्हार और छेदि मल्लाह बैठे थे. पंडित जी और दोनो ठाकुर अपना अपना हुक्का गुड-ग्डा रहे थे जबकि किसान कुम्हार और छेदि मल्लाह अपने सूखे होंठों पे बीच बीच में जीभ फिरा लेते थे. कहना मुश्किल था कि वो ऐसा हुक्के के लालच में कर रहे थे या पंचायत की खबराहट की वज़ह से.

15-20 साल पहले तक भी, सोचना भी नामुमकिन था कि गाओं की पंचायत में नीच जाती के प्रतिनिधि हो सकते हों……मगर जबसे समय बदला, लालू-मायावती का ज़माना आया और ग्राम स्तर पर भी पिकछडी जातियों को प्रतिनिधित्व मिलने लगा था. ठाकुर-बामान भी इस बात से डरते थे कि कहीं कोई नास्पीटा उन्हें शहरी अदालत में ज़ुल्म के मामले में ना घसीट ले और अन्मने मंन से उन्होने पंचायती स्तर पे भी पिछड़ी जात वालों को प्रतिनिधित्व देना शुरू कर दिया था………चेहरे पे बेतरतीब दाढ़ी वाला किशन कुम्हार और घबराया हुआ चीदी मल्लाह इसी प्रतिनिधित्व के प्रतीक थे.
-  - 
Reply
07-15-2017, 12:53 PM,
#13
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
पाँचों के सामने, एक तरफ गाओं के पगड़ी धारी ठाकुर और ब्राह्मण बैठे थे, और उनसे कुछ ही दूर गाओं का बनिया और वश्य समाज के चंद और प्रतिनिधि बैठे थे. दूसरी ओर गाओं के डोम-चमार-मल्लाह-नई वग़ैरह बैठे थे. ज़ाहिर है, किसी के सिर पे कोई पगड़ी नहीं थी. सभी ठाकुर-बामान चारपाइयों और मोडो पे बैठे थे जबही नीची जात वाले ज़मीन पे बैठे थे. किसी को कुछ भी अटपटा नहीं लग रहा था.

एक ठाकुर नौजवान, नीलेश सिंग खड़ा हुआ और उसने हाथ के इशारे से सबको खामोश होने को कहा. सभी एकदम से खामोश हो गये. नीलेश ने अपनी जेब से एक काग़ज़ का टुकड़ा निकाला और पढ़ना शुरू किया,”आदरणीय सरपंच महोदय! मान-नीया पॅंच गनो और ग्राम ब्रिज्पुर के निवासीयो………….इतिहास गवाह है परम पिता परमेश्वर की असीम कृपा से, इस गाओं पे हमेशा ईश्वर की अनुकंपा बनी रही है और जब भी कोई मामला पंचायत तक पहुँचा है, पाँच परमेश्वर ने हमेशा न्याय ही किया है. हमें आशा ही नहीं, बिस्वास है, कि आज भी यही होगा. मुक़द्दमा गाओं की ठकुराइन, श्वर्गीय श्री शौर्या सिंग जी की बाहू, आदरणीया रूपाली सिंग की ओर से दायर किया गया है…….उनका संगीन आरोप ये है, इसी गाओं के श्री कालू, श्री सत्तू, श्री मुंगेरी और श्री मोतिया ने कल रात, पक्शिम दिसा के खीतों में, उनकी और इसी गाओं की कुमारी कमला की इज़्ज़त लूटी है….अब आगे की कार्यवाही, आदरणीया सरपंच, पंडित मिश्रा जी को सौंपते हुए उनसे सभी ग्राम वासियों की तरफ से दरख़्वास्त की जाती है कि वो न्याय और सिर्फ़ न्याय करें

पंडित मिश्रा जी ने अपना हुक्का एक ओर सरकाया और अपना गला खंखारते हुए, गंभीर आवाज़ में सामने सिर झुकाए बैठी हुई रूपाली से बोले,” वादी ठकुराइन श्रीमती रूपाली सिंग जी?”…………….रूपाली ने, जो लंबे घूँघट में सफेद सारी-ब्लाउस में थी, घूँघट के अंदर से ही सिर हिलाकर हामी भरी. पंडित जी बोले,”प्रतिवादी, कालू, मोतिया, मुंगेरी और सत्तू?” चारों चमार, जो सामने ज़मीन पे बैठे थे झट से बोले,”जी परमात्मा.”

पंडित मिश्रा: श्रीमती रूपाली जी. विस्तार से बतायें क्या हुआ आपके साथ. घबराएँ नहीं, यहाँ, सब अपने ही लोग हैं.

रूपाली: प्रणाम पंडित जी…..(झिझकते हुए), वो कल, हमने सोचा कि हवेली के आस-पास उगी घास-झाड़-पतवार की…..

पंडित मिश्रा: हां हां…आगे बोलो…घबराव नहीं…….

और धीरे धीरे रूपाली ने सारा किस्सा बयान किया. कि कैसे उसने सोचा था की वो कोई गाओं का मज़दूर हवेली लाएगी और पैसे दे कर हवेली की आस-पास सफाई करवाएगी…..कैसे उसने शाम के ढूंधलके में कमला की चीख सुनी…...कैसे उसने कमला को बचाने की कोशिश की थी और कैसे उल्टा उसी की इज़्ज़त तार-तार कर बैठे थे ये चार वहशी दरिंदे. अपना पूरा दर्द बयान किया रूपाली ने और सिसक सिसक कर रोने लगी.

गाओं की एक-दो बुज़ुर्ग ठकुराइनो ने आगे बढ़कर उसे सीने से लगा लिया और उसके सिर को सहलाने लगी

पंडित मिश्रा ने चारों अभियुक्तों पे एक नज़र डाली और पूछा उन्हें कुछ कहना है?

कालू (गिड़गिदाते हुए): झूट है मालिक, एक दम झूट है. ईस्वर की सौं ऐसा कच नाई भया.

सत्तू, मोतिया और मुंगेरी ने भी उसकी हां में हां भरी.

रूपाली सन्न थी. उसे उम्मीद थी ये कमीने गिड़गिडाएंगे, माफी माँगेंगे मगर ये तो सॉफ मुकर रहे थे.

ठाकुर सरीराम : अभियुक्तों को अपनी सफाई में क्या कहना है?

अभियुक्त:
धीरे धीरे सत्तू और मोतिया ने बारी बारी से अपनी सफाई पेश करनी शुरू की.

कुल मिला कर उन की बातों का सार यह था की, रूपाली की ये बात सच थी की वो चारों खेत में बैठकर शराब पी रहे थे…….ये भी सच था की उन्होने वहीं पर खाना भी खाया था और ये वो चारों खेतों में अक्सर करते थे. उनके मुताबिक वो चारों खा-पी रहे थे, हँसी-थॅटा कर रहे थे और अचानक मुंगेरी को लगा था कि खेतों से किसी औरत के धीमे से हँसने की आवाज़ आई थी. बाकी तीनो ने इसे मुंगेरी का भ्रम या नशे की अधिकता समझा लेकिन कुछ देर बाद जब कालू को भी ऐसा लगा खेत से आआवाज़ें आ रही है तो वे चारों आवाज़ के स्रोत को ढूँदने में लग गये और जल्दी ही उन्होने वो जगह ढूँढ ली जहाँ कुछ गन्ने उखाड़ के थोड़ी जगह समतल की गयी थी…..और फिर……उन चारों की आँखें फटी की फटी रह गयी......

सत्तू: हुज़ूर…हम देखे….हम देखे की ठकुराइन खेत मा नंगा लेटी रहीं…..और उनका ऊपर…उनका ऊपर……ई गूंगा चंदर रहा…….” और उसने अपनी उंगली वहाँ पे खामोशी से बैठे चंदर की ओर घुमा दी.

रूपाली चिल्लाई,”क्य्ाआआआआआआआआआआआआआअ????? कामीनो! झूट बोलते ज़बान ना जल गयी तुम्हारी. हरामजादो……..ये गूंगा बेचारा तो रात भर हवेली में था……गंदे काम करते हो और बेज़ुबान पे इल्ज़ाम लगाते हो कामीनो……..भगवान करे निर्वंश हो जाओ तुम…......कोई आग देने वाला ना रहे तुम्हारे गंदे बदन को…..”

ठाकुर सरी राम ने रूपाली को पंचायत की बे-अदबी ना करने की सलाह दी और वो एक आह भरके चुप बैठ गयी.

कालू और मोतिया ने मज़े ले लेकर बयान किया कि कैसे कैसे चंदर और रूपाली ने उनकी नज़रों से बेख़बर, अलग अलग मुद्राओं में हवस के सागर में गोते लगाए थे. मुंगेरी सिर झुकाए सब कुछ चुप चाप सुन रहा था.

पॅंच छेदि मल्लाह ने अपने तंबाखू से सड़े हुए दाँत निकाले और बोला,”ठकुराइन ने कहा है कि हमरे गाओं की कमला की इज़्ज़त से भी खिलवाड़ किए हैं ये चारों……सरपंच महाराजा की आग्या हो तो कमला को भी बुलवाई लिया जाए.”
-  - 
Reply
07-15-2017, 12:53 PM,
#14
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
आग्या मिलते ही 2-3 चमार महिलाओं ने आवाज़ लगाई,”कमलाअ….आए कमलाअ…” और थोड़ी देर में सिर झुकाए गथे बदन की साँवली सलोनी, मांसल कमला पंचायत के सामने थी. उसके चुतड़ों का कटाव और सखत चूचियों का उभार देख कर गाओं के काई चमार और ठाकुर छोकरो ने आहें भरी. कुछ चमार छोकरे रूपाली के पैरों की गोरी गोरी उंगलियों और हाथों की गोरी खूबसूरती को देख के अंदाज़ा भर लगा रहे थी कि कितना मज़ा आया होगा या तो चंदर को या फिर इन चार बूढ़े चमारों को.

गाओं के केयी लंड कसी हुई धोतियों और पायज़ामो के अंदर कसमसा रहे थे साँस लेने के लिए और पूर्णा आज़ादी पाने के लिए. एक दुबला पतला चमार छोकरा ये नहीं तय कर पा रहा था कि अगर उसको ठकुराइन और कमला दोनो चोद्ने को मिल जाएँ तो वो पहले किसको चोदेगा?

कमला के खुले सिर पे एक नज़र डालते हुए ठाकुर रणबीर सिंग उसके बाप, झूरी मल्लाह की ओर देखते हुए गरज के बोले,”आए झूरी…..ठाकुरान के आगे कैसे पेश आते हैं, तहज़ीब नहीं है तोहरी मौधी को?”

घबरा के झूरी ने अपने सिर के ऊपर 2-3 बार हाथ फिराया……इशारा समझ कर फ़ौरन कमला ने अपने सिर के ऊपर दुपट्टा रख लिया अपना. सिर और मुँह आधा ढक गया था और छाती की गोलाइयाँ पूरी छिप गयी थी. गाओं के कयि चोकरो को रणबीर सिंग पे गुस्सा आ रहा था.

किसान कुम्हार: आए मौधी….तू कल साम खेत मा का करने गयी थी?

कमला: खेत मा? हम तो पूरी रात अपने घर मा ही थे.

सन्न सी रह गयी रूपाली चिल्लाई,”क्या बक रही है कमला? तू नहीं चाहती इन पापियों को इनके किए की सज़ा मिले?”

कमला ने अपराध बोध से रूपाली को एक पल के लिए देखा और फिर बोली,”हमसे झूट ना बुलवाओ ठकुराइन…..किसी ने कुछ नहीं किया हमरे साथ……” और वो रोती हुई, अपने घर की ओर भाग गयी थी.
क्रमशः...........
-  - 
Reply
07-15-2017, 12:53 PM,
#15
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
गतान्क से आगे..................

रूपाली अंदाज़ा भी नहीं लगा सकती थी कि कैसे कमला के ग़रीब मा-बाप ने उसको धमकाया था कि अगर किसी को इस हादसे की भनक भी पड़ गयी तो कोई उसके साथ शादी-बियाह नहीं करेगा और पूरी ज़िंदगी उसे रांड़-पातुरिया का जीवन निभाना पड़ेगा.

मा-बाप और उसकी मामी ने उसको समझाया था की अगर पंचायत बैठी, तो सॉफ सॉफ मुकर जाने में ही उसकी और खानदान की भलाई है. झूरी ने सॉफ कहा था कि अगर उसने पंचायत में कहा कि उसकी इज़्ज़त खराब हो चुकी है, तो वो पहले उसका गला काटेगा और फिर खुद फाँसी लटक जाएगा.

गुस्से से बिफरी हुई रूपाली ने समस्त चमारों को मन में गाली दी और दिल में कहा,”हराम ज़ादी…रंडी कमला.”

मोतिया और सत्तू झिझक झिझक कर, अटक अटक के सबको बता रहे थे कि कैसे चंदर और रूपाली खेत में रास लीला रचा रहे थे. कालू ने 2-4 बातें और जोड़ी और कहा कि जैसे ही मालकिन की नज़रें हम पर पड़ी, उन्होने किसी को कुछ ना बताने को कहा…….सत्तू बोला,”ठकुराइन ई भी कहे रही…कि चाहो तो हमरे संग सो जाओ….मगर किसी के कछु नयी कहो…हाथ जोड़ी तुम्हरा…”

उन चारों ने अपने अपने ईष्ट देव की कसम खाई और कहा कि उन चारों ने तो तय कर लिया था कि किसी को कुछ नहीं कहेंगे…….मगर यहाँ तो मामला ही उल्टा था? ठकुराइन ने तो घबराहट में उन्ही के ऊपर उल्टा मुकद्दमा दायर कर दिया था.

सभी पंचों ने आपस में कुछ गुप-चुप सलाह मशविरा किया और गाओं के 2-3 बामन-ठाकुर और 2 चमार चोकरो को फ़ौरन खेत जा कर मौके का मुआयना करने को कहा………और कहा कि अगर कुछ भी मौके से मिले तो ले कर पंचायत वापस आ जाएँ.

सभी छोकरो को इस कार्यवाही में बड़ा मज़ा आ रहा था…..इसलिए वो बड़े अनमने मन से खेतों की ओर चल दिए.

इस दौरान सभी लोगों के बीच हलचल मची हुई थी. ठाकुर-बामनो को लग रहा था चमारों ने ना सिर्फ़ रूपाली की इज़्ज़त लूटी बल्कि अपनी छोकरी को डरा-धमका लिया है.

नीची जाती वाले रूपाली को नफ़रत से देख के सोच रहे थे कोई अपनी हवस के लिए इतना गिर सकता है क्या? उन्हें लग रहा था रूपाली ने उनके समाज के चार प्रतिस्थित बुज़ुर्गों पे प्रहार किया है.

एक ठाकुर घर से कुछ औरतें चाय लेकर आई और उन्होने सभी पंचों को चाय दे दी. मिश्रा जी, रणबीर साइ और ठाकुर सरी राम को स्टील की गिलास में और किसान कुम्हार और छेदि मल्लाह को काँच के गिलास में. कुम्हार और मल्लाह जानते थे ऐसा क्यूँ है. उन्हें मालूम था बाद में ये गिलास तोड़ दिए जाएँगे……किसी को कुछ भी अटपटा नहीं लगा….यही सदियों की रीत थी.

कोई 30-40 मिनिट बाद, जो छोकरे खेतों की तरफ गये थे, वो वापस आ गये. उन्होने कुछ खाली देसी शराब की बोतलें, कुछ चूड़ियों के टुकड़ों के अलावा……एक गंच्छा भी पाँचों को सौंप दिया…..एक लाल-सफेद गंच्छा!

जैसे ही गम्म्छे पे नज़र पड़ी, बेवकूफ़ गूंगा चंदर उठा और घहों-घों की आवाज़ के साथ इशारे से कहने लगा कि गमछा उसका है…..रूपाली का चेहरा ऐसा हो गया था मानो काटो तो खून नहीं.

छेदि मल्लाह ने खीसे निपोर्ते हुए कहा,”ठकुराइन, आप तो कहती थी ये गूंगा पूरी रात हवेली मा था……फिर, ओइका गमछा आप लाई गयी थी का?”…

सभी चमारों ने एक ठहाका लगाया.
-  - 
Reply
07-15-2017, 12:53 PM,
#16
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
ठाकुरों को ये नागवार गुज़ारा और ठाकुर सरी राम ने कहा,”रूपाली जी, आप ने कहा चंदर हवेली में ही था….फिर उसका ये गमछा खेत कैसे पहुँचा.” रूपाली ने सिर झुका के कहा,”हमे नहीं मालूम ठाकुर साहब……ये कालू ने वहाँ रख दिया होगा.”

कालू ने कातर नज़रों से पंचों को देखा और गिड़गिदाया,”माई-बाप, कसम ले लो जो हम आज एक बार भी खेत की तरफ गये रहीं….पूरे दिन घर मा थे मालिक…”

पंचों ने कुछ वक़्त माँगा और अंदर घर में जाकर आपस में बहुत देर तक सलाह मशवरा किया. इस दौरान, गाओं के छोकरे रूपाली का उदास, खूबसूरत चेहरा देख देख के सोच रहे थे…काश….ये मोटे रसीले होंठ उन्होने चूसे होते. एक दुबला सा ठाकुर छोकरा इतना थर्कि था की अपना निचला होंठ चबा बैठा और उसके मुँह से निकला,”सीईईईस…हाए.” उसके बगल में खड़े उसके दोनो दोस्तों ने ये देखा और धीरे से हँसने लगे.

15 मिनिट बाद पाँच बाहर निकले और सरपंच मिश्रा जी ने कहा,”बड़े खेद की बात है कि वादी श्रीमती रूपाली सिंग ने अपनी हवस मिटाने के लिए एक नौकर के साथ खुले आम ना सिर्फ़ रास-लीला रचाई बल्कि अपनी बदनामी ना हो, इस लिए श्री कालू, श्री सत्तू, श्री मोतिया और श्री मुंगेरी के खिलाफ नितांत झूठे आरोप भी लगाए हैं. सभी पंचों की राय और विचारों पे गेहन मंथन के बाद, ग्राम पंचायत का निर्णय है की श्रीमती रूपाली सिंग को जात से बाहर किया जाता है. आज से श्रीमती रूपाली सिंग की हवेली से कोई ग्राम नागरिक, कोई संबंध नहीं रखेगा और इनका हुक्का-पानी बंद किया जाता है…………

….और हां…..ताकि इस गूंगे के साथ, इनकी रास लीला फ़ौरन बंद हो और ये अपने नामी ससुर के खानदान की इज़्ज़त और खराब ना करें, इसलिए इस चंदर गूंगे को फ़ौरन गाओं से निकालने का हूकम दिया जाता है……………..और गाओं का और कोई नौजवान इस घटना से सबक ले, इसलिए इस गूंगे को बेइज़्ज़ती से बाहर किया जाए. जाई गंगा मैय्या की.”

सारा चौपाल,”हर हर महादेव……जाई गंगा मैय्या की……..पाँचों की जाई हो,” के नारों से गूँज उठा.

आनन फानन में गाओं के छोकरे एक गधा पकड़ लाए…….चार छोकरो ने चंदर के हाथ पावं पकड़े और गाओं के नाई ने उसके सिर पे उस्तरा फिराना शुरू किया. गंजे होते हुए चंदर के चेहरे पे कोई थूक रहा था कोई कालिख मल रहा था……कुछ मनचलों ने फटे हुए जूते चप्पालों की माला बनाई और उसकी गर्दन में पहना दी. फिर उसका पूरा मुँह काला करके गधे पे उल्टा बैठाया और चल दिए गाओं की परिक्रमा करने. छोकरे हहा-हहे कर रहे थे और कुछ छ्होटे बच्चे, जो ऊपर से कमीज़ पहने थे….मगर नीचे से नंगे थे, तालियाँ पीटने लगे.

चंदर का जुलूस पूरे गाओं में निकाला गया और फिर उसे मार मार कर गाओं से निकाल दिया गया.

ये सब होने से बहुत पहले, रूपाली पंचायत से ऐसे उठी थी मानो कोई जिंदा लाश हो. किसी तरह अपने कदम घसीटते हुए हवेली पहुची…….अब वीरान हवेली थी…..और वो बिल्कुल अकेली थी……..सुनसान हवेली में एक मनहूस साए की तरह!

दोस्तो हमारे आस पास आज भी ना जाने कितनी रूपाली सारे आम बेइज़्ज़त होती और ना जाने कितनी कमला अपनी बदनामी के डर से चुप रह जाती है दोस्तो आपको कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना आपका दोस्त राज शर्मा

समाप्त
-  - 
Reply
10-09-2019, 11:01 AM,
#17
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
(07-15-2017, 12:53 PM)sexstories Wrote: kya isme aage storey badhai ja Sakti ha
ठाकुरों को ये नागवार गुज़ारा और ठाकुर सरी राम ने कहा,”रूपाली जी, आप ने कहा चंदर हवेली में ही था….फिर उसका ये गमछा खेत कैसे पहुँचा.” रूपाली ने सिर झुका के कहा,”हमे नहीं मालूम ठाकुर साहब……ये कालू ने वहाँ रख दिया होगा.”

कालू ने कातर नज़रों से पंचों को देखा और गिड़गिदाया,”माई-बाप, कसम ले लो जो हम आज एक बार भी खेत की तरफ गये रहीं….पूरे दिन घर मा थे मालिक…”

पंचों ने कुछ वक़्त माँगा और अंदर घर में जाकर आपस में बहुत देर तक सलाह मशवरा किया. इस दौरान, गाओं के छोकरे रूपाली का उदास, खूबसूरत चेहरा देख देख के सोच रहे थे…काश….ये मोटे रसीले होंठ उन्होने चूसे होते. एक दुबला सा ठाकुर छोकरा इतना थर्कि था की अपना निचला होंठ चबा बैठा और उसके मुँह से निकला,”सीईईईस…हाए.” उसके बगल में खड़े उसके दोनो दोस्तों ने ये देखा और धीरे से हँसने लगे.

15 मिनिट बाद पाँच बाहर निकले और सरपंच मिश्रा जी ने कहा,”बड़े खेद की बात है कि वादी श्रीमती रूपाली सिंग ने अपनी हवस मिटाने के लिए एक नौकर के साथ खुले आम ना सिर्फ़ रास-लीला रचाई बल्कि अपनी बदनामी ना हो, इस लिए श्री कालू, श्री सत्तू, श्री मोतिया और श्री मुंगेरी के खिलाफ नितांत झूठे आरोप भी लगाए हैं. सभी पंचों की राय और विचारों पे गेहन मंथन के बाद, ग्राम पंचायत का निर्णय है की श्रीमती रूपाली सिंग को जात से बाहर किया जाता है. आज से श्रीमती रूपाली सिंग की हवेली से कोई ग्राम नागरिक, कोई संबंध नहीं रखेगा और इनका हुक्का-पानी बंद किया जाता है…………

….और हां…..ताकि इस गूंगे के साथ, इनकी रास लीला फ़ौरन बंद हो और ये अपने नामी ससुर के खानदान की इज़्ज़त और खराब ना करें, इसलिए इस चंदर गूंगे को फ़ौरन गाओं से निकालने का हूकम दिया जाता है……………..और गाओं का और कोई नौजवान इस घटना से सबक ले, इसलिए इस गूंगे को बेइज़्ज़ती से बाहर किया जाए. जाई गंगा मैय्या की.”

सारा चौपाल,”हर हर महादेव……जाई गंगा मैय्या की……..पाँचों की जाई हो,” के नारों से गूँज उठा.

आनन फानन में गाओं के छोकरे एक गधा पकड़ लाए…….चार छोकरो ने चंदर के हाथ पावं पकड़े और गाओं के नाई ने उसके सिर पे उस्तरा फिराना शुरू किया. गंजे होते हुए चंदर के चेहरे पे कोई थूक रहा था कोई कालिख मल रहा था……कुछ मनचलों ने फटे हुए जूते चप्पालों की माला बनाई और उसकी गर्दन में पहना दी. फिर उसका पूरा मुँह काला करके गधे पे उल्टा बैठाया और चल दिए गाओं की परिक्रमा करने. छोकरे हहा-हहे कर रहे थे और कुछ छ्होटे बच्चे, जो ऊपर से कमीज़ पहने थे….मगर नीचे से नंगे थे, तालियाँ पीटने लगे.

चंदर का जुलूस पूरे गाओं में निकाला गया और फिर उसे मार मार कर गाओं से निकाल दिया गया.

ये सब होने से बहुत पहले, रूपाली पंचायत से ऐसे उठी थी मानो कोई जिंदा लाश हो. किसी तरह अपने कदम घसीटते हुए हवेली पहुची…….अब वीरान हवेली थी…..और वो बिल्कुल अकेली थी……..सुनसान हवेली में एक मनहूस साए की तरह!

दोस्तो हमारे आस पास आज भी ना जाने कितनी रूपाली सारे आम बेइज़्ज़त होती और ना जाने कितनी कमला अपनी बदनामी के डर से चुप रह जाती है दोस्तो आपको कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना आपका दोस्त राज शर्मा

समाप्त
Reply
11-01-2019, 01:16 PM,
#18
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
Very sad story Sad
Reply
11-02-2019, 06:26 AM,
#19
RE: Sex Hindi Kahani बलात्कार
सही बात है आज भी ना जाने कितनी रूपाली सरे आम बेइज़्ज़त होती रहती है और ना जाने कितनी कमला इन कमीने लोगो की धमकियों से चुप रह जाती है|
Reply


Possibly Related Threads...
Thread Author Replies Views Last Post
  Free Sex Kahani काला इश्क़! kw8890 91 115,522 5 hours ago
Last Post: kw8890
Star Adult kahani पाप पुण्य sexstories 207 543,546 11-24-2019, 05:09 PM
Last Post: Didi ka chodu
Lightbulb non veg kahani एक नया संसार sexstories 252 47,908 11-24-2019, 01:20 PM
Last Post: sexstories
Lightbulb Parivaar Mai Chudai अँधा प्यार या अंधी वासना sexstories 154 61,216 11-22-2019, 12:47 PM
Last Post: sexstories
Star Gandi Sex kahani भरोसे की कसौटी sexstories 54 89,399 11-21-2019, 11:48 PM
Last Post: Ram kumar
  Naukar Se Chudai नौकर से चुदाई sexstories 27 109,916 11-18-2019, 01:04 PM
Last Post: siddhesh
Thumbs Up Porn Story चुदासी चूत की रंगीन मिजाजी sexstories 32 132,627 11-17-2019, 12:45 PM
Last Post: lovelylover
  Dost Ne Kiya Meri Behan ki Chudai ki desiaks 3 23,868 11-14-2019, 05:59 PM
Last Post: Didi ka chodu
  XXX Kahani एक भाई ऐसा भी sexstories 69 552,168 11-14-2019, 05:49 PM
Last Post: Didi ka chodu
Star Incest Porn Kahani दीवानगी (इन्सेस्ट) sexstories 41 157,247 11-14-2019, 03:46 PM
Last Post: Didi ka chodu



Users browsing this thread: 2 Guest(s)
This forum uses MyBB addons.

Online porn video at mobile phone


jabardasti Karte ki ladki ka ijit lotna xxx hot videos हिंदी बहें ऑडियो फूकिंगदेख कंचन मेरी बुर का छेंद कीतना बड़ा हो गया है नाfaty anty dehati saya bloose sexwwwxxx com 2 land 1boocजवानी रस रगड़ मिलन दाने सुपाड़ाAasramcudaiसेक्सी लडकियो कि नग्गी चुत कि तसविरे सेक्स विडीयोteen ghodiyan Ek ghoda sex storyकच्ची कली mastram.netकिडनैप करके लडकी के चोदना नेकि सकसी विडियोझवाझवी tmkoc कथाAntervasnaCom. 2017.Sexbaba.Tane daba kar ddud nikarte bataw sekxkamuk sasur sex babavidvha unty ko sex goli kilaya kub chodai storylandchutihnwentबेटे को अपनी गांड से केला खिलाने का अनोखा मजानयि चुदाई काहानी हिन्दिdard bari hd allxxx videoबाबाचूदाईKapda fadkar mms banayaDisha patni imgfy.netsexbabanet hindi ki gay sex chudai ki dhansu kahaniyanmumyy ki चोड़ाई papa ki chori se xxx hindi कहानी बेटे नेhavas kacchi kali aur lala ka byaz xxx kahani choot Mein ice cream Lagane wala Marathi sex videowwww xxxcokajaबी एफ सेक्सी बनाने वाली लडकियोँ के फोटो विदेशी naukeane ke bete ki gand mari Hindi storyदो भाई एक काहन की नगीं सुहागरात कि फोटो दीखायें इमेजसेठानी बहुत चुदक्कड़ हैबबिताजी टीवी नुदे सेक्सPranitha shubhas nedu pusy image गांड मोठी होण्याचे कारण सांगाIndian desi girls park ke pichesexy videosMammy di bund put da lun rat rajai सासर की बहु की चोदई हिदी मेswxbaba hindi secudce sex videosAndhere main galatise sasuma ki chudai Mp3 dawnlodsexbabamaacollege hostel girl nangi nahati huiburi tarike se maa ki buddho se group me randi ki tarah dardnak chudai ki kahaniyakamuk aurat sex babaपापा पापा डिलडो गाड मे डालोहिदिxxxumoot madarchod sexbaba.comsexstorysexbabaनगी चुदसेकशीPapa ne ma ko apane dosto se chudva sex knada kolne wali seksi antiyaDesi randi salbar room me xxx mastramsexkhaniघाघरे में चूतो की picstightchut m mota land ghusny ki kahaniचोदई करने का तरीक सील कैसे तोडे हिदी काहनीghar pe khelni ae ladki ki chut mai ugli karke chata hindi storyमाँ के होंठ चूमने चुदाई बेटा printthread.php site:mupsaharovo.ruSexbaba नेहा मलिक.netSex gand fat di sara or nazya ki yum storysपुचित दाड गाडीत लंडससुर ने बहु की मुत पी ली हट चुदाई कहानीMouni Roy fake bf pic.DESI52COMxxxmarathi laddakika original jabardasti sudhaफैमली सेकसी बियफ शिल्पा शेट्टी को किसने चोदाacter shreya saran nudekanada heroin nuda sexbaba imagesतांत्रिक ने मेरी े योनि से खून निकला की स्टोरी हिंदी नईDase.ladhke.ka.sundre.esmart.photo.khat.ma.dahate.dekhaoऔरत को मोटा होना हे कोई उपयोग बताऔxxx bhojpuri maxi pehen ke ladki Jawan ladki chudwati hai HD downloadकरवाचौथ माँ मज़बूरी माँ चूड़ी सेक्स स्टोरी हिंदी माँसँतोष की चुत मे फस गया रोने लगीelizabeth olsen xxx image sexbaba.netबहिणीची भरलेली गांडsex video mom lipstickLagakar HD fullपुदी मधी लवडा www.xxx.sxछत पर नंगी घुमती परतिमाRekha ki gand Marexxx. comXxx.com.asilak sugh raat srxyxvideo महिला हिन्दी मे वोलनागधे के जेसा मोटे लडँ से चुत चुदवाई गालि दे कर कहानियाँDidi ka panti pahna to didi ne panist kia sex storisSeptikmontag.ru मां को नदी पर चोदाwww,bajapur.babhi.sexe,kahanehot biwi ko dusare adami ne chuda xnxx videoलडकी ने भोसी मे ऊंगली करवाईxnxx.secbollywood actress kriti sanon xxx blue sex & nude nangi photos fucking video in sexbaba bur bahen teeno randi kahani palai burcudai gandi hindi masti kahni bf naghi desi choti camsin bur hotek.ladki.ne.apne.honeymoon.kisaribat.apni.maa.ko.btaiTV actress nudeporn image sexyBabaकुतते ने कूतती के लंड भरा विडियो फोटोमेरे मन की शादी में मां ने मुझे बड़ी मौसी जी मज़े दिलवाये